अरे इतनी नफरत है उसे मुझसे की मैं मर भी जाऊं,
अब दोनों के बीच क्या बचा है, सिर्फ यादें।
संवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है
लड़के दर्द दिल में दबाकर जीते रहते हैं।
हम तो दिल से चाहते थे तुम्हें, लेकिन तुमसे दूर होते हुए ये समझ आया,
अब तेरी खामोशी में भी दर्द महसूस होता है…!!!
पर क्या हम कभी वही प्यार दोबारा पा पाए क्या।
वो कहता था कभी छोड़कर नहीं जाऊंगा, आज उसी से दूर जाने की वजह पूछ रहा हूँ।
न जाने कौन सी सजा दे गई मोहब्बत मुझको, कि तेरा होते हुए भी तेरा नहीं हूँ।
वरना ख़ामोशी को लोग अक्सर गलत समझते हैं।
परवाह नहीं चाहे ज़माना कितना भी खिलाफ हो,
अब वही प्यार हमें रुलाता है और तुमसे दूर कर चुका है…!!!
पर क्या हम दोनों की खामोशी Sad Shayari कभी समझ पाई क्या।
पर उसने सिर्फ़ वक़्त गुज़ारा, याद नहीं रखा।